
अजीत मिश्रा (खोजी)
🚨सरकारी दावों की खुली पोल: अशोकपुर गैस एजेंसी पर लटका ताला, उपभोक्ता बेहाल🚨
⭐सिस्टम की ‘कुंभकर्णी नींद’: जिले में गैस का हाहाकार, पर जिम्मेदार मौन।
⭐कागजी निकला DM का कंट्रोल रूम? पीड़ित बोले- ‘हमेशा व्यस्त रहता है नंबर’।
⭐ चूल्हे ठंडे, उम्मीदें टूटीं—एस.आर. वत्स HP गैस एजेंसी की खुली पोल!
⭐साहब! गैस कब मिलेगी? अशोकपुर में ताला देख मायूस लौटे सैकड़ों उपभोक्ता।
⭐ढिंढोरा आपूर्ति का, हकीकत किल्लत की: दुबौलिया में गैस वितरण व्यवस्था ध्वस्त।
बस्ती मंडल ब्यूरो, उत्तर प्रदेश।
दुबौलिया (बस्ती)। एक तरफ सूबे की सरकार हर घर तक रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति का ढिंढोरा पीट रही है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत इसके उलट और बेहद कड़वी है। विकासखंड दुबौलिया के अंतर्गत ग्राम पंचायत अशोकपुर स्थित एस.आर. वत्स HP गैस ग्रामीण वितरक की लापरवाही और गैस सिलेंडरों के अभाव ने उपभोक्ताओं के चूल्हे ठंडे कर दिए हैं। आलम यह है कि एजेंसी पर ताला लटक रहा है और दूर-दराज से आने वाले ग्रामीण मायूस होकर खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं।
💫एजेंसी के चक्कर काट रहे उपभोक्ता, जिम्मेदार मौन
पिछले कई दिनों से गैस सिलेंडर की किल्लत झेल रहे उपभोक्ता सुबह से ही उम्मीद लेकर एजेंसी पहुंच रहे हैं, लेकिन वहां ताला बंद देखकर उनकी चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि बार-बार चक्कर काटने के बावजूद उन्हें यह भी नहीं बताया जा रहा है कि आपूर्ति कब बहाल होगी। घरेलू गैस की इस कमी ने आम आदमी के दैनिक जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है।
💫शोपीस बना जिलाधिकारी का कंट्रोल रूम!
गैस की किल्लत और कालाबाजारी को रोकने के लिए जिलाधिकारी कृत्तिका ज्योत्सना ने आनन-फानन में कंट्रोल रूम तो जारी कर दिया, लेकिन पीड़ित उपभोक्ताओं के अनुसार यह महज एक कागजी खानापूर्ति साबित हो रहा है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि कंट्रोल रूम का नंबर या तो लगता नहीं और अगर लग जाए तो वह हमेशा व्यस्त रहता है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब संकट के समय सरकारी तंत्र ही साथ न दे, तो जनता किसके पास गुहार लगाए?
💫कुंभकर्णी नींद में सोया प्रशासन
जिले भर में गैस सिलेंडर को लेकर हड़कंप मचा हुआ है, लेकिन आपूर्ति विभाग और जिम्मेदार अधिकारी ‘कुंभकर्णी नींद’ में मस्त हैं। अशोकपुर गैस एजेंसी पर ताला लटकना सीधे तौर पर विभागीय लापरवाही को दर्शाता है। क्या प्रशासन को इस बात का इंतजार है कि जनता सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करे?
🔥बड़ा सवाल: क्या जिम्मेदार अधिकारी इस लापरवाही का संज्ञान लेंगे या फिर इसी तरह सरकार के दावों की धज्जियां उड़ती रहेंगी? जनता अब आश्वासन नहीं, बल्कि सिलेंडर चाहती है।


















